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district judge
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डिस्ट्रिक्ट जज आपने ये नाम बहुत बार सुन रखे हैं। क्या आप जानते हैं ये पद बहुत प्रेस्टीजियस एंड पावरफुल पोजीशन है।  इस आर्टिकल से आप जानेंगे डिस्ट्रिक्ट जज कैसे बने, डिस्ट्रिक्ट जज क्वालिफिकेशन, डिस्ट्रिक्ट जज सैलरी और डिस्ट्रिक्ट जज परीक्षा।

डिस्ट्रिक्ट जज कैसे बने How to become district judge?

डिस्ट्रिक्ट जज की जिम्मेदारी होती है सिविल और फैमिली लॉ के मामलों का एक विस्तृत स्पेक्ट्रम की परिचालना करना। मिसाल के तौर पर जैसे हर्जाने और निषेधाज्ञा के दावे, बंधक उधारकर्ताओं और प्रॉपर्टी किरायेदारों के खिलाफ कब्जे की कार्यवाही, तलाक, बाल कार्यवाही, घरेलू हिंसा निषेधाज्ञा और दिवाला कार्यवाही।

डिस्ट्रिक्ट जज क्वालिफिकेशन District judge qualification

बार में वकील के रूप में कम से कम सात साल (Seven Years)की प्रैक्टिस recruitement के लिए एक आवश्यक योग्यता है। ये एक लिखित परीक्षा और मौखिक साक्षात्कार के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की एक समिति द्वारा जिला न्यायाधीश बनने के लिए आवश्यक है, जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति को राज्य द्वारा अधिसूचित किया जाता है।

डिस्ट्रिक्ट जज एग्जाम

जिला न्यायाधीश बनने के तीन तरीके हैं:

1. पहला तरीका है – स्टेट जुडिशल सर्विस परीक्षा से उत्तीर्ण होना। 2 साल की प्रोबेशन पीरियड के बाद नए भर्ती किए गए न्यायाधीशों को न्यायिक मजिस्ट्रेट / सिविल न्यायाधीश के रूप में तैनात किया जाएगा।

2. दूसरा तरीका है – अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीशों के पद के लिए (उच्च न्यायिक सेवा प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) परीक्षा में उत्तीर्ण होना। (जिन लोगो के पास वकील के तौर पर 7 साल का अनुभव है, वे वकील आवेदन कर सकते हैं।)

3. बार से सीधी भर्ती (कोई परीक्षा नहीं, केवल साक्षात्कार।)

District judge exam syllabus

डिस्ट्रिक्ट जज परीक्षा के लिए सिलेबस सिविल लॉ और क्रिमिनल लॉ के लिए अलग अलग है :

Civil Law

भारत का संविधान, विधियों की व्याख्या, न्यायशास्त्र और कानूनी

वाक्यांशविज्ञान, कानूनी अधिकतम, कानूनी इतिहास, कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987,

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005।

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908, अभ्यास के नागरिक नियम, 1905, न्यायालय शुल्क और सूट

मूल्यांकन अधिनियम, 1955, भारतीय सीमा अधिनियम, 1963, मध्यस्थता और सुलह

अधिनियम, 1996, वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015, सामान्य खंड अधिनियम, 1897, बेनामी

लेनदेन निषेध अधिनियम।

भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872, विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963, भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932,

माल अधिनियम, 1930, सहजता अधिनियम, 1882, संपत्ति अधिनियम का हस्तांतरण, 1882, की बिक्री

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881, किराया नियंत्रण कानून, भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899,

पंजीकरण अधिनियम 1908।

दुर्घटना के दावों के संदर्भ में मोटर वाहन अधिनियम 1988, कानून का अधिकार, के अधिकार

भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और में उचित मुआवजा और पारदर्शिता

भूमि अधिग्रहण से संबंधित पुनर्वास अधिनियम, 2013 और अन्य कानून।

उत्तराधिकार कानून, (हिंदू, मुस्लिम और ईसाई के लिए) सहित व्यक्तिगत कानून,

संरक्षक और वार्ड अधिनियम 1890, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882, परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984।

व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999, कॉपीराइट अधिनियम, 1957, पेटेंट अधिनियम, 1970, डिजाइन

अधिनियम, द जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स ऑफ गुड्स (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 2016, अन्य श्रम

कानून, आयकर अधिनियम, सहकारी समितियां अधिनियम, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017,

मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2007, खान और खनिज से संबंधित कानून।

Criminal Law

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973, दंड प्रक्रिया संहिता, 1990, भारतीय दंड संहिता, 1840, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872।

द नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985।

नवीनतम संशोधन, विद्युत अधिनियम सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988,

2003, मानवाधिकार अधिनियम, 1988. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति

(अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989,

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम- 2006, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955।

किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015,

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) 2012,

घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 से महिलाओं का संरक्षण

कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, धन शोधन निवारण अधिनियम।

गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1967, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980

चिकित्सा न्यायशास्त्र, केंद्रीय और तमिलनाडु राज्य आपराधिक नाबालिग अधिनियम,

धन शोधन निरोधक अधिनियम।

District judge salary

एक डिस्ट्रिक्ट जज की तन्खा महीने को एक लाख से ले कर तीन लाख रूपए तक हो सकती है। ये निर्भर करता हैं कई सारी बातो पर।

District judges are appointed by

डिस्ट्रिक्ट जज की नियुक्ति – आर्टिकल 233 के अनुसार, जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा, अधिकार क्षेत्र के उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।

डिस्ट्रिक्ट जज पावर

डिस्ट्रिक्ट जज, जिले के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए उत्तरदायी है। जिला न्यायाधीश के पास मूल और साथ ही अपीलीय क्षेत्राधिकार है। जिला और सत्र न्यायाधीश के अधीन, नागरिक और आपराधिक क्षेत्राधिकार के न्यायालय होते हैं।

FAQ

Who appoints district judge?

राज्य के गवर्नर उस राज्य के उच्च न्यायलय से मिलकर जिल्ला जज की नियुक्ति करते हैं।

what does district judge do?

डिस्ट्रिक्ट जज प्रशासन को श्रृंखलित रूप से चलने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

How many district judges are there?

हर जिले के लिए एक डिस्ट्रिक्ट जज होते हैं। तो भारत में जितने जिले हैं उतने डिस्ट्रिक्ट जज हैं।

How are district judges in a state appointed

राज्य के गवर्नर और उच्च न्यायलय मिल कर डिस्ट्रिक्ट जज की नियुक्ति करते हैं।

Conclusion

इस आर्टिकल से आप जरूर जाने होंगे के डिस्ट्रिक्ट जज कौन हैं, उनके पावर क्या हैं, डिस्ट्रिक्ट जज कैसे बने और उनकी नियुक्ति कैसे होती हैं।