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constipation

कब्ज़ (Constipation) क्या है, कितने प्रकार के होते हैं, क्यों होता है और घरेलु उपाय से कैसे ठीक करें ! अगर आप ऐसे सवालों से जूझ रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए हैं।

कब्ज़ Constipation

कब्ज़ क्या है (What is constipation) ? – मल त्यागने में अगर तकलीफ उत्पन्न हो रहा हो और कभी कभी मल में खून के छींटे नजर आये तो ये कब्ज़ है। कब्ज़ जैसी बीमारी घरेलु उपचार से बड़ी आसानी हल किया जा सकता है। अगर फिर भी समस्या का हल ना हो तो डॉक्टर  के सलाह से दवाई के सेवन से समस्या का हल हो सकता हैं

लक्षण Symptoms

निम्न लिखित हैं कब्ज होने के लक्षण:

  1. कई समय तक बैठने के बावजूद मल ना निकलना या फिर थोड़ा सा निकलना
  2. मल त्यागने के लिए बहुत ही ज्यादा बल और दवाब का प्रयोग करना
  3. मल बहुत ही ज्यादा सूखा और कठिन नजर आना
  4. मल में कभी कभी आंशिक रूप से खून के छींटे नजर आना
  5. पेट के निचली भाग में दर्द महसूस करना

Reason

कब्ज क्यों होता है – कब्ज़ होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।  लेकिन जो मूल रूप से जिम्मेदार हैं वो हैं :

  1. fiber युक्त खाने की कमी – अध्यन से पता चला है फाइबर युक्त खाना खाने वाले की तुलना में फाइबर युक्त खाना ना खाने वाले व्यक्ति सबसे ज्यादा कब्ज़ जैसी बीमारी से जूझते हैं।  फाइबर युक्त खाना जैसे फल, हरी सब्जी, गेहूं, दाल इत्यादि।
  2. कम शारीरिक गतिविधि – अगर एक ब्यक्ति दिन के ज्यादातर समय बैठ कर गुजारते हैं तो भी कब्ज़ जैसे जटिल समस्याएं ऐसे ब्यक्ति के अंदर नजर आना स्वभाभिक है।  इसलिए दिन को कम से कम २ किलोमीटर जरूर चलें और खाना खाने के बाद पन्द्र से बीस मिनट जरूर चलें।
  3. पानी का सेवन कम होना – कब्ज़ के लिए और एक सबसे बड़ी वजह से कम पानी का सेवन करना। आम तौर पर हम लोग प्यास लगने पर ही पानी का सेवन करते हैं। जब की एक इंसान को दिन में ४ से ८ लीटर तक पानी का सेवन करना आवश्यक रहता है। इसलिए प्यास लगे या फिर ना लगे हर आधे घंटे में पानी अवस्य पिएं।

कब्ज़ के प्रकार Types of Constipation

कब्ज के प्रकार – कब्ज़ को दो मुख्य श्रेणी में भाग किया गया हैं :

  1. Chronic Idiopathic Constipation (CIC): अगर लम्बे वक़्त से कब्ज़ रहे तो इससे Chronic Idiopathic Constipation कहते हैं।
  2. Irritable Bowel Syndrome with Constipation (IBS-C): कब्ज़ के साथ साथ निचले पेट में अगर दर्द हो रहा हो तो इसको Irritable Bowel Syndrome with Constipation कहते हैं।

कब्ज़ गर्भ धारण के दौरान Constipation during pregnancy in Hindi

गर्भ धारण के दौरान महिलाओं में कब्ज़ के लक्षण नजर आना आम बात हैं। इसके पीछे की वजह हार्मोन में परिवर्तन हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को नियमित हर सुबह चलने के साथ साथ फाइबर युक्त खाना प्रचुर मात्रा में सेवन करने की आवस्यकता हैं। साफ़ पानी प्रचुर मात्रा में सेवन करने की आवस्यकता है। अगर फिर भी राहत ना मिले तो डॉक्टर से तुरंत मिले।

इलाज़ Treatment

कब्ज को कैसे दूर करें – कब्ज़ से छुटकारा पाने के लिए तीन उपाय उपयोग किये जाते हैं :

घरेलु उपाय Home Remedy

कब्ज को कैसे ठीक करें – आम तौर पर अगर कई कब्ज़ जैसी बीमारी से नए नए जूझ रहे हैं तो घरेलु उपाय से कब्ज़ ठीक हो सकता है (कब्ज का इलाज होम रेमेडीज)।

  1. फाइबर युक्त खाना ज्यादा से ज्यादा खाना। फल, गेहूं, दाल में फाइबर की मात्रा ज्यादा रहती हैं। (कब्ज ki प्राकृतिक चिकित्सा)
  2. ब्यायाम और कसरत रोज सुबह करना।
  3. खाना खाने के बाद कम से कम १५ से २० मिनट तक चलना।
  4. खाना खाने के बाद तुरंत पानी ना पीना। १५ से २० मिनट के बाद पीना।
  5. नशीली पदार्थो का सेवन ना करना।

Yoga

कब्ज के लिए योगासन – तरह तरह के योगासान भी कब्ज़ जैसे समस्या से छुटकारा देती हैं। भुजंगासन, अर्ध मत्स्येन्द्र आसान, Paschimottanasana जैसी योग आसान फायदे मंद साबित हुए हैं।

आयुर्वेदिक इलाज Ayurvedic Treatment

कब्ज के आयुर्वेदिक उपचार – त्रिफला, बैल फल, दूध, घी,Liquorice Root,सौंप, अंजीर, चीन ग्रास जैसी प्रकृति में उपलब्ध इन आयुर्वेदिक पदार्थों का नियमित सेवन से भी कब्ज़ से मुक्ति मिल सकता हैं।

होमियोपैथी Homeopathy Treatment

कब्ज की मेडिसिन – Bryonia,Calcarea carbonica,Causticum,Graphites,Lycopodium जैसी (कब्ज की होम्योपैथिक दवा) दवाएं होमियोपैथी ilaaj में दी जाती हैं कब्ज़ से राहत पाने के लिए।

Food for constipation patient कब्ज़ में क्या खायें ?

कब्ज़ अगर हुए एक हफ्ते से ज्यादा ना हुआ हो तो खाने में अत्यधिक मात्रा में फाइबर युक्त खाना खाएं जैसे फल, गेहूं, काम मीठे वाले खाना। ब्रेड, पूरी जैसे खाने से दूर रहे। साफ़ पानी पिएं।

Constipation consequences कब्ज के नुकसान

किसी भी शारीरिक समस्या को नजर अंदाज़ करना मतलब जटिल शारीरिक समस्या को न्योता देना। कई बार ऐसा देखा गया है के कब्ज़ के मरीज़ हिचहींचाहट के कारण घर पर नहीं बताते हैं और डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। नतीजा वो गंभीर समस्याओं के शिकार भी होते हैं जैसे के :

  1. मल द्वार में घाव बनना
  2. निचली पेट में पीड़ा होना
  3. भूक में कमी घटना
  4. बायु दोस के शिकार होना
  5. hemorrhoids, anal fissures, fecal incontinence, colonic conditions and urologic disorders जैसी जटिल बीमारी होना

Conclusion

इस आर्टिकल से आप समझे होंगे कब्ज़ क्या है, कब्ज़ कैसे होता है, कब्ज़ का घरेलु इलाज और कब्ज़ के प्रकार